Justice!

Why do we forget before accusing everyone that everyone includes us as well? Why do we forget that we weren't born as casts and religions but as humans? Every single act that takes place is occurring in the name(s) of religion(s), a hollow skull of ethos. If people won't think of conducting such misdeeds, they …

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कहो प्यार कैसा दिखता है?

कहो प्यार कैसा दिखता है? तुम सा ! मुझ सा ! हमसे भी हसीन दिखता है? एक दुनिया है मेरी बसाई हुई तुम्हारे आस-पास, शायद उस जैसा दिखता है... सपने जैसा है, बेतरतीब दिखता है, हो ना हो जादू है उसमें, जाग जाऊँ तो नहीं दिखता है... कहो प्यार कैसा दिखता है? ... शाम सा! …

जीवन…

थोड़ी मुस्कुराहटें, थोड़े आंसू साथ रखना... थोड़ी खुशियां, ग़म भी बाँट लेना... क्या जाने ज़िन्दगी में कब कौन मुकर जाए, तुम्हें अकेला छोड़ जाए... तब ये मुस्कुराहटें खुशियां देती हैं और आंसू ग़मों से समझौता करते हैं ... जीवन बड़ा उसूलों वाला होता है, जितना लेता है उतना ही लौटा देता है... हम भी तो …

माँ!

तूने कितनें कष्ट सहे, तब जा कर हम बड़े हुए... माँ! क्या तुम ऊपर वाले से कभी मिलकर आई हो? इतनी शक्ति कहाँ से लाई हो? सब सह लेती हो तुम और ख़ामोश रह लेती हो तुम। मैं कभी तुझ सी ना हो पाऊँगी, दिल में दर्द रख़ कर कभी ना मुस्कुरा पाऊँगी... तुझको कितना …

I learned to laugh at myself at 3 a.m….

Rashmi Mishra

Where am I standing in life?
Why life took me where I’m today?
Am I really responsible for whatever happened or a victim of time just like most of them?
Okay! tell me, why only me? Why?

Okay! I settle, it’s not only me. Many like me, may be.. ah! They must be the stronger souls or might be the ones who do not know how to live but pretend to be stronger to avoid the hopelessness?

Wait! Then which category do you fall in? You think, you are some special character of a fantasy tale? Or you were supposed to be a person who doesn’t need to be strong enough because you think that life is a cake walk? Is it?
I said, no! I don’t think so, but then I believe a fantasy can be created in a real life too.
Yeah! Why not? You know what? When…

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रोल तुम्हारा…

इस ज़र्द सूरत से मत नापना मेरे दिल की गहराई को, दरिया बहता है ग़म का, तुम डूब जाओगे... इन आँखों के स्याह घेरों से मत तौलना मेरे अरमानों के विज़न (vision) को, बड़ा है, तुम्हारे तराज़ू में नहीं समाएगा... इस गेहुँआ रंग के मानिंद मत देखना मेरे फ़्यूचर (future) को, दूर है शायद, तुम्हें …

मजबूरी को नियति का नाम ना दे…

मजबूरी को नियति का नाम ना दे, अपनेआप को बेचारगी का फ़रमान ना दे... क़िस्मत में क्या है क्या नहीं, इसका फैसला क़िस्मत के हाथ ना दे... ख़ुद बढ़कर लिख अपना अफ़साना तू, कह दे क़िस्मत से आकर अपना इनाम ले !! माना हाथ बड़े हैं समय के, मग़र समय के हाथों में अपना हाथ …

औक़ात…

कपड़ा नहीं तो ना सही, रोटी नहीं तो कोई बात नहीं... मग़र सोचो नहीं के उनकी कोई औक़ात नहीं... ये देखो ज़रा औक़ात अपनी, कर लो तुलना उनसे अपनी.. दिल तो बड़ा उन्हीं का है जी, कारण कष्ट है जो उन्होंने सहा वही.. घर हैं मग़र चैन की नींद नहीं नसीब तुम्हें, आसमान से सूकून …

इश्क़ किया नहीं यूँ ही मैंने…

चाहा था जिसे अपने लिये, जो हमने गुज़ारा था, लम्हा मेरा, हर वो तुम्हारा था... इश्क़ किया नही यूँ ही मैंने, हाल-ए-दिल मेहरबान भी था... तू फ़साना मोहब्बत का, तू तराना धड़कन का... तू नूर है, मैं शमा सी जल जाऊँ... तू स्याही पिया, मैं रंग- रंग जाऊँ... तू चँदा, तुझसे रोशन घर रात का... …

तुमसे मिलूँगी….

मैं तुमसे कहीं फिर मिलूँगी... जाने कब और कहाँ मिलूँगी, याद करना मुझे जहाँ हो, शायद इंतज़ार में वहीं मिलूँगी... जा रही हूँ मैं जाने दो, मुझे यूँ प्यार से ना रोको... दीवाने हो ना जाना देखो, ज़िद्द को दिल की मना के रक्खो... वरना मैं तुमसे नहीं मिलूँगी!! कहते हो इश्क़ करते हो, ज़रा …