घर…

हम अकेलेपन के अँधेरे में खो रहे थे, ये दुनिया कहती थी हम घर में सो रहे थे... दर्द भी छुपाते थे (और) मरहम भी लगाते थे, हम दरअसल दीवारों में घर ढ़ो रहे थे... कुछ अरमान भी थे ख़ैर यूं तो, वो मग़र झूमर पर झूल रहे थे... एक कहानी बन गई दरवाज़ों के …

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यादें तेरी साथ रहती हैं…

तुमसे मुझे भरोसा मिला, मुझसे मिला मुझे डर... तुमने जीना सीखा दिया, खुदसे सीखा मैनें एैब हर... अब तू क़रीब नहीं पर ये यादें तेरी साथ रहती हैं, मुझे तुझसे जुदा होने नहीं देती हैं... जाने क्या क्या तुमने सीखा दिया, मुझे गुलज़ार बना दिया.. बिखरे सारे जीवन को, एक मक़ाम दिला दिया... ख़ुशबू तेरी …

रिश्ते …

एक वादा था हमनवाही का, जो टूट गया एक रिश्ता बेनाम सा, बाक़ी रहा...   दिखावे में रह गए कुछ रिश्ते ज़िन्दगी भर, सादगी से रह कर भी कितने बेज़ुबान रहे...   TO BE CONTINUED.......   #रshmi Photo courtesy: Photo library from WordPress    

Justice!

Why do we forget before accusing everyone that everyone includes us as well? Why do we forget that we weren't born as casts and religions but as humans? Every single act that takes place is occurring in the name(s) of religion(s), a hollow skull of ethos. If people won't think of conducting such misdeeds, they …

कहो प्यार कैसा दिखता है?

कहो प्यार कैसा दिखता है? तुम सा ! मुझ सा ! हमसे भी हसीन दिखता है? एक दुनिया है मेरी बसाई हुई तुम्हारे आस-पास, शायद उस जैसा दिखता है... सपने जैसा है, बेतरतीब दिखता है, हो ना हो जादू है उसमें, जाग जाऊँ तो नहीं दिखता है... कहो प्यार कैसा दिखता है? ... शाम सा! …