ज़िंदगी…

My Hindi Two-liners about 'Life'... कभी इसके, कभी उसके इशारों पर चलती, ये ज़िंदगी जुए का दाँव हो जैसे कोई...   ज़िंदगी के कैन्वस पर तख़य्युल (Imagination) का चेहरा उकेर कर देखो, तजुर्बे की स्याही का क़माल ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगा...               कुछ क़िस्से हम ज़िंदगी को सुनाने बैठे थे, …

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रिश्ते …

एक वादा था हमनवाही का, जो टूट गया एक रिश्ता बेनाम सा, बाक़ी रहा...   दिखावे में रह गए कुछ रिश्ते ज़िन्दगी भर, सादगी से रह कर भी कितने बेज़ुबान रहे...   TO BE CONTINUED.......   #रshmi Photo courtesy: Photo library from WordPress