तूने कितनें कष्ट सहे, तब जा कर हम बड़े हुए... माँ! क्या तुम ऊपर वाले से कभी मिलकर आई हो? इतनी शक्ति कहाँ से लाई हो? सब सह लेती हो तुम और ख़ामोश रह लेती हो तुम। मैं कभी तुझ सी ना हो पाऊँगी, दिल में दर्द रख़ कर कभी ना मुस्कुरा पाऊँगी... तुझको कितना …
Author: Rashmi Mishra
Not unusual from others, as everyone is special so I am.

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