माँ!

तूने कितनें कष्ट सहे, तब जा कर हम बड़े हुए... माँ! क्या तुम ऊपर वाले से कभी मिलकर आई हो? इतनी शक्ति कहाँ से लाई हो? सब सह लेती हो तुम और ख़ामोश रह लेती हो तुम। मैं कभी तुझ सी ना हो पाऊँगी, दिल में दर्द रख़ कर कभी ना मुस्कुरा पाऊँगी... तुझको कितना …

रोल तुम्हारा…

इस ज़र्द सूरत से मत नापना मेरे दिल की गहराई को, दरिया बहता है ग़म का, तुम डूब जाओगे... इन आँखों के स्याह घेरों से मत तौलना मेरे अरमानों के विज़न (vision) को, बड़ा है, तुम्हारे तराज़ू में नहीं समाएगा... इस गेहुँआ रंग के मानिंद मत देखना मेरे फ़्यूचर (future) को, दूर है शायद, तुम्हें …