कहो प्यार कैसा दिखता है? तुम सा ! मुझ सा ! हमसे भी हसीन दिखता है? एक दुनिया है मेरी बसाई हुई तुम्हारे आस-पास, शायद उस जैसा दिखता है... सपने जैसा है, बेतरतीब दिखता है, हो ना हो जादू है उसमें, जाग जाऊँ तो नहीं दिखता है... कहो प्यार कैसा दिखता है? ... शाम सा! …
जीवन…
थोड़ी मुस्कुराहटें, थोड़े आंसू साथ रखना... थोड़ी खुशियां, ग़म भी बाँट लेना... क्या जाने ज़िन्दगी में कब कौन मुकर जाए, तुम्हें अकेला छोड़ जाए... तब ये मुस्कुराहटें खुशियां देती हैं और आंसू ग़मों से समझौता करते हैं ... जीवन बड़ा उसूलों वाला होता है, जितना लेता है उतना ही लौटा देता है... हम भी तो …

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