थोड़ी मुस्कुराहटें, थोड़े आंसू साथ रखना... थोड़ी खुशियां, ग़म भी बाँट लेना... क्या जाने ज़िन्दगी में कब कौन मुकर जाए, तुम्हें अकेला छोड़ जाए... तब ये मुस्कुराहटें खुशियां देती हैं और आंसू ग़मों से समझौता करते हैं ... जीवन बड़ा उसूलों वाला होता है, जितना लेता है उतना ही लौटा देता है... हम भी तो …
माँ!
तूने कितनें कष्ट सहे, तब जा कर हम बड़े हुए... माँ! क्या तुम ऊपर वाले से कभी मिलकर आई हो? इतनी शक्ति कहाँ से लाई हो? सब सह लेती हो तुम और ख़ामोश रह लेती हो तुम। मैं कभी तुझ सी ना हो पाऊँगी, दिल में दर्द रख़ कर कभी ना मुस्कुरा पाऊँगी... तुझको कितना …

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